मैंने गुरूजी के विषय में अपने एक वरिष्ठ सहकर्मी और सहेली से कई बार सुना था। एक दिन उसने मुंबई में, उसके घर में होने वाले सत्संग के लिए मुझे आमंत्रित किया। मैं बहुत ही अनमने मन से उसके यहाँ गई, क्योंकि उसने मुझे बहुत आग्रहपूर्वक आने को कहा था। सत्संग में शबद गुरबानी चल रही थी और सभी लोग ध्यान में बैठे हुए थे।
मुझे पंजाबी भाषा समझ नहीं आती है और मैं बस गुरूजी की तस्वीर की ओर देखती रही; मैंने पहले कभी उनको नहीं देखा था और मेरे मन में बस एक ही सवाल था। मेरा पहले गर्भपात हो चुका था और मैं बस यह जानना चाहती थी कि क्या मैं फिर से गर्भवती हो पाऊँगी? मैं जब भी गुरूजी की ओर देखती तो मुझे ऐसा लगता जैसे वह थोड़ा और मुस्कुराये रहे हैं। मैंने यह बात किसी को नहीं बतायी। जल्द ही गुरूजी ने मुझे जवाब दे दिया : मुझे एक मासिक धर्मचक्र (मेंस्ट्रुअल साइकिल) नहीं हुई और इससे मुझे उम्मीद मिली। मुझे अभी भी उम्मीद है कि सही समय पर गुरूजी मुझे बच्चे का आशीर्वाद अवश्य देंगे।
एक सप्ताह बाद मैंने सपना देखा कि मैं ईश्वर को ढूँढ़ रही हूँ। एक चमकदार रोशनी के पीछे जाती हुई मैं गुरूजी के पास पहुँच गई हूँ। इससे गुरूजी में मेरा विश्वास और भी बढ़ गया।
भाई की दुर्लभ बीमारी का उपचार
मेरा छोटा भाई दो सालों से भी अधिक से एक असाधारण बीमारी से पीड़ित था और सांद्राभ (स्टेरॉइड्स) पर था। उसकी हालत सुधरने के कोई आसार नहीं दिख रहे थे, ठीक होना तो बहुत दूर की बात थी। मेरी माँ, जोकि दिल्ली में रहती हैं, जैसे ही उन्हेंने बड़े मंदिर जाना शुरू किया, मेरे भाई की हालत में धीरे-धीरे परन्तु निरंतर सुधार आने लगा। लेकिन वह अभी भी स्टेरॉइड्स पर था। इससे 6 महीने पहले मैं दिल्ली गई थी और बड़े मंदिर जाकर मैंने गुरूजी से उनके मार्गदर्शन के लिए प्रार्थना की थी। तीन महीनों के अंदर उसके स्टेरॉइड्स बंद हो गए और अब दो महीने हो गए हैं और वह एक सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है।
मेरे पास शब्द नहीं हैं कि मैं सर्वोच्च परमेश्वर (गुरूजी) का आभार व्यक्त कर सकूँ। मेरी अपनी दिनचर्या में कई बार अनुभव करती हूँ कि घटनाऐं चमत्कारिक रूप से हो जाती हैं। मैं जानती हूँ कि गुरूजी का आशीर्वाद हमारे साथ है। मुझे बस इसी बात का दुःख है कि मैं गुरूजी से उनके शारीरिक रूप में आशीर्वाद नहीं ले पायी।
ॐ नमः शिवाय; गुरूजी सदा सहाय
ममता जोशी, एक भक्त
अप्रैल 2012